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ऋतु बसंत रंग भरे हमनें अपनोसेदुश्मनीकरजातेहैंलोग।आड़ेवक्तपरअपनेहीकामआतेहैं हसीं थे को कैसे भी तपाकर ग़म भट्टी टहलना दिन, गुमसुमसीहोगईहैजिंदगीखालीमकानसाहैमनमोतियोंसीमुस्कानकोईबिखेरेपंछियोंसाचहकताहैतन मंज़िल होली के रंग आप और हम तस्लीमवो बचपन के दोस्त, हम भी थे चार। पुराण प्यारे संसार चला चलीं का मैला दिन सुनहरे वाकय वाले थे

Hindi चार पाँव Quotes